0
Cart
0

    Cart is Empty!! Add some products in your Cart

Total:
₹0

View cart Check out

Bulkagrochem

Submit your contact number & get exciting offer

+91

Bulkagrochem.com

Bulk Purchase & Get Bulk Discount

Share your number to receive customized bulk pricing, availability updates, and exclusive offers directly via WhatsApp.

Bio fertilizer, bio fertilizer in Hindi, जैव उर्वरक, भारतीय कृषि , कृषि

Table of Content

Biofertilizers in Hindi: जैव उर्वरक और भारतीय कृषि का भविष्य

जैव उर्वरक (Biofertilizers) प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल कृषि इनपुट हैं, जिनका उपयोग भारतीय कृषि में वर्षों से किया जाता रहा है। जैसे पारंपरिक अनाज हमारी रसोई का हिस्सा रहे हैं, वैसे ही जैव उर्वरक मिट्टी और फसलों को प्राकृतिक रूप से पोषण देने का एक भरोसेमंद साधन हैं।

नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाले बैक्टीरिया, फॉस्फेट घुलनशील सूक्ष्मजीव और लाभकारी फफूंद जैव उर्वरकों के सबसे महत्वपूर्ण घटक होते हैं। ये सूक्ष्मजीव मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, पौधों को पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध कराते हैं और जड़ों के विकास में मदद करते हैं। इसी कारण biofertilizer in hindi (जैव उर्वरक) को टिकाऊ और सुरक्षित खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है।

राइजोबियम, एजोटोबैक्टर, एजोस्पिरिलम और माइकोराइजा जैसे biofertilizers भारतीय किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद करते हैं। Biofertilizers in Hindi न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारते हैं, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उपज को भी बढ़ाते हैं—जिससे भारतीय कृषि का भविष्य अधिक हरित, सुरक्षित और टिकाऊ बनता है।


Biofertilizers in Hindi क्या है? (जैव उर्वरक की परिभाषा)

जैव उर्वरक ऐसे प्राकृतिक उर्वरक होते हैं जिनमें लाभकारी सूक्ष्मजीव (Microorganisms) मौजूद होते हैं। ये सूक्ष्मजीव मिट्टी में रहकर पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। Biofertilizers in Hindi को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ये रासायनिक उर्वरकों का सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प हैं।


Biofertilizer in Hindi का अर्थ और सरल परिभाषा

Biofertilizer in Hindi का अर्थ है – ऐसे उर्वरक जो जीवित सूक्ष्मजीवों से बने होते हैं और मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को बढ़ाते हैं।

  • इनमें बैक्टीरिया, फफूंद और शैवाल जैसे सूक्ष्मजीव होते हैं
  • ये सीधे पौधों को खाद नहीं देते, बल्कि पोषक तत्वों को उपलब्ध बनाते हैं
  • नाइट्रोजन, फॉस्फोरस जैसे तत्वों को मिट्टी से घुलनशील रूप में बदलते हैं

जैव उर्वरक मिट्टी को ज़िंदा रखते हैं और पौधों को प्राकृतिक पोषण देते हैं।


Biofertilizers कैसे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं

Biofertilizers मिट्टी के अंदर जैविक गतिविधि को बढ़ाकर उसकी गुणवत्ता सुधारते हैं।

  • नाइट्रोजन स्थिरीकरण करके मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाते हैं
  • फॉस्फेट को घुलनशील बनाकर जड़ों तक पहुँचाते हैं
  • मिट्टी की संरचना, नमी धारण क्षमता और सूक्ष्मजीव जीवन को सुधारते हैं

लाभ: मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ रहती है और फसल की जड़ें मज़बूत होती हैं।


भारतीय कृषि में biofertilizers का महत्व 

भारतीय खेती में biofertilizers in hindi का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, खासकर टिकाऊ और जैविक खेती में।

  • रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है
  • खेती की लागत घटती है
  • मिट्टी और पर्यावरण सुरक्षित रहते हैं
  • जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलता है

भारतीय संदर्भ में:

जैव उर्वरक छोटे और मध्यम किसानों के लिए किफायती और पर्यावरण-अनुकूल समाधान हैं।


Biofertilizers के प्रमुख प्रकार (Types of Biofertilizers in Hindi)

जैव उर्वरक (Biofertilizers) कई प्रकार के होते हैं और हर प्रकार पौधों को अलग-अलग पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करता है। Biofertilizers in Hindi को समझकर किसान अपनी फसल और मिट्टी के अनुसार सही विकल्प चुन सकते हैं। ये जैव उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हैं और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देते हैं।


नाइट्रोजन स्थिर करने वाले biofertilizers (Rhizobium, Azotobacter)

नाइट्रोजन स्थिर करने वाले biofertilizers वायुमंडल की नाइट्रोजन को पौधों के लिए उपयोगी रूप में बदलते हैं।

  • Rhizobium मुख्य रूप से दालों (चना, अरहर, मूंग, सोयाबीन) के लिए उपयोगी होता है।
  • यह जड़ों में गांठें (nodules) बनाकर नाइट्रोजन की पूर्ति करता है।
  • Azotobacter गैर-दलहनी फसलों (गेहूं, मक्का, सब्ज़ियाँ) के लिए उपयुक्त है।

लाभ: मजबूत जड़ विकास, बेहतर पौधों की बढ़वार और कम नाइट्रोजन उर्वरक की आवश्यकता।

इसी कारण biofertilizer in Hindi में यह सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला प्रकार माना जाता है।


फास्फेट घुलनशील biofertilizers (PSB)

फास्फेट घुलनशील जैव उर्वरक (PSB) मिट्टी में मौजूद अनुपलब्ध फॉस्फोरस को पौधों के लिए उपलब्ध बनाते हैं।

  • मिट्टी में बंद फॉस्फोरस को घुलनशील रूप में बदलते हैं।
  • फूल, फल और जड़ विकास में मदद करते हैं।
  • रासायनिक फॉस्फेट उर्वरकों की खपत कम करते हैं।

लाभ:बेहतर फूल-फल सेटिंग, मजबूत पौधे और बढ़ी हुई उपज। यह प्रकार biofertilizers in Hindi में सब्ज़ी और फल वाली फसलों के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है।


सायनोबैक्टीरिया और माइकोराइजा biofertilizers

ये biofertilizers मिट्टी की जैविक गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) धान की खेती में विशेष रूप से लाभकारी होते हैं।
  • ये नाइट्रोजन स्थिरीकरण के साथ-साथ मिट्टी की संरचना सुधारते हैं।
  • माइकोराइजा पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाकर पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाते हैं।

लाभ: सूखा सहनशीलता, बेहतर पोषक तत्व अवशोषण और लंबी अवधि तक मिट्टी की उर्वरता।

इसलिए biofertilizer in Hindi में इन्हें टिकाऊ कृषि का आधार माना जाता है।


Biofertilizers कैसे काम करते हैं? (How Biofertilizers Work)

जैव उर्वरक (Biofertilizers) जीवित सूक्ष्मजीवों पर आधारित होते हैं, जो मिट्टी में जाकर प्राकृतिक प्रक्रियाओं को सक्रिय करते हैं। ये उर्वरक पौधों को सीधे पोषण नहीं देते, बल्कि मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों को पौधों के लिए उपयोग योग्य बनाते हैं। Biofertilizers in Hindi को समझना किसानों के लिए ज़रूरी है, ताकि वे सही तरीके से इनका उपयोग कर सकें और बेहतर फसल प्राप्त कर सकें।


biofertilizers में सूक्ष्मजीवों की भूमिका

जैव उर्वरकों में मौजूद सूक्ष्मजीव मिट्टी में जाकर कई महत्वपूर्ण जैविक क्रियाएँ करते हैं।

  • नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले बैक्टीरिया हवा की नाइट्रोजन को पौधों के लिए उपयोगी बनाते हैं।
  • फॉस्फेट घुलनशील करने वाले सूक्ष्मजीव मिट्टी में बंद फॉस्फोरस को उपलब्ध कराते हैं।
  • कुछ सूक्ष्मजीव पौधों की जड़ों के पास रहकर उनकी वृद्धि को प्रोत्साहित करते हैं।

क्यों ज़रूरी है:

ये सूक्ष्मजीव मिट्टी को जीवंत बनाते हैं और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को कम करते हैं।


मिट्टी और जड़ों के साथ biofertilizer का संबंध

जैव उर्वरक मिट्टी और पौधों की जड़ों के बीच एक मजबूत प्राकृतिक संबंध बनाते हैं।

  • सूक्ष्मजीव जड़ों के आसपास सक्रिय होकर पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाते हैं।
  • जड़ें मजबूत होती हैं और पौधे तनाव (सूखा, रोग) को बेहतर सहन कर पाते हैं।
  • मिट्टी की संरचना सुधरती है और जल धारण क्षमता बढ़ती है।

क्यों ज़रूरी है:

मजबूत जड़ प्रणाली से पौधों की वृद्धि और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं।


biofertilizers in hindi द्वारा पोषक तत्व उपलब्धता

Biofertilizer in Hindi का मुख्य लाभ यह है कि यह पोषक तत्वों को धीरे-धीरे और प्राकृतिक तरीके से उपलब्ध कराता है।

  • नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और अन्य सूक्ष्म तत्व पौधों को संतुलित मात्रा में मिलते हैं।
  • पोषक तत्वों की बर्बादी कम होती है।
  • लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।

क्यों ज़रूरी है:

यह प्रक्रिया फसल की गुणवत्ता और मिट्टी दोनों को सुरक्षित रखती है।


Biofertilizers in Hindi बनाम रासायनिक उर्वरक

आज की भारतीय कृषि में किसान जैव उर्वरकों और रासायनिक उर्वरकों के बीच सही विकल्प चुनने की कोशिश कर रहे हैं। Biofertilizers in Hindi को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ये मिट्टी, फसल और पर्यावरण तीनों के लिए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करते हैं।


biofertilizers और chemical fertilizers का अंतर

जैव उर्वरक और रासायनिक उर्वरक दोनों का उद्देश्य फसल को पोषण देना है, लेकिन इनका काम करने का तरीका बिल्कुल अलग होता है।

  • Biofertilizers जीवित सूक्ष्मजीवों पर आधारित होते हैं जो मिट्टी में प्राकृतिक पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं
  • रासायनिक उर्वरक सीधे पोषक तत्व देते हैं, लेकिन मिट्टी की सेहत को नुकसान पहुँचा सकते हैं
  • जैव उर्वरक मिट्टी की जैविक गतिविधि बढ़ाते हैं, जबकि रसायन उसे कम कर देते हैं

निष्कर्ष: Biofertilizer in Hindi को लंबे समय तक उपयोग करने से मिट्टी उपजाऊ रहती है, जबकि रासायनिक उर्वरकों से मिट्टी धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है।


biofertilizer in hindi के दीर्घकालिक लाभ

जैव उर्वरकों का प्रभाव धीरे दिखता है, लेकिन इनके लाभ लंबे समय तक बने रहते हैं।

  • मिट्टी की संरचना और जल धारण क्षमता बेहतर होती है
  • जड़ों का विकास मज़बूत होता है
  • फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है

जैसे बच्चों के लिए हल्का और पौष्टिक भोजन ज़रूरी होता है, वैसे ही फसलों के लिए biofertilizers एक सुरक्षित और संतुलित पोषण स्रोत हैं।


पर्यावरण पर biofertilizers का सकारात्मक प्रभाव

जैव उर्वरक पर्यावरण के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं।

  • भूजल और मिट्टी में रासायनिक प्रदूषण नहीं होता
  • लाभकारी कीटों और सूक्ष्मजीवों को नुकसान नहीं पहुँचता
  • कार्बन उत्सर्जन और ग्रीनहाउस गैसों में कमी आती है

Biofertilizers in Hindi पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देते हैं और टिकाऊ कृषि की नींव रखते हैं।


Biofertilizers का उपयोग कैसे करें? (How to Use Biofertilizer in Hindi)

जैव उर्वरक (Biofertilizers) जीवित सूक्ष्मजीवों पर आधारित होते हैं, इसलिए इनका सही तरीके से उपयोग करना बेहद ज़रूरी है। जब किसान biofertilizers in Hindi में बताए गए सही तरीकों का पालन करते हैं, तो ये उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, पौधों की जड़ों को मजबूत करते हैं और फसल की पैदावार में सुधार लाते हैं। नीचे जैव उर्वरकों के प्रमुख उपयोग तरीके सरल भाषा में समझाए गए हैं।


बीज उपचार में biofertilizers का उपयोग

बीज उपचार जैव उर्वरकों का सबसे प्रभावी और किफायती तरीका माना जाता है, खासकर दलहन और अनाज की फसलों के लिए।

  • बोने से पहले बीजों को biofertilizer in Hindi घोल में उपचारित किया जाता है
  • इससे लाभकारी बैक्टीरिया सीधे बीज की सतह पर चिपक जाते हैं
  • अंकुरण तेज़ होता है और जड़ों का विकास बेहतर होता है

लाभ:

बीज उपचार से पौधों को शुरुआती अवस्था से ही पोषक तत्व मिलने लगते हैं। राइजोबियम और एजोटोबैक्टर जैसे biofertilizers इस विधि में सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं।


मिट्टी और फसल में biofertilizer in hindi का प्रयोग

मिट्टी में जैव उर्वरकों का प्रयोग खेत की समग्र उर्वरता बढ़ाने के लिए किया जाता है।

  • जैव उर्वरक को गोबर की खाद या कम्पोस्ट के साथ मिलाकर खेत में डालें
  • रोपाई के समय या बुवाई से पहले मिट्टी में मिलाएं
  • इससे मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है

लाभ:

यह तरीका लंबे समय तक मिट्टी की सेहत बनाए रखता है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व धीरे-धीरे उपलब्ध कराता है।


biofertilizers उपयोग करते समय सावधानियां

क्योंकि जैव उर्वरक जीवित होते हैं, इसलिए थोड़ी सी लापरवाही इनके प्रभाव को कम कर सकती है।

  • जैव उर्वरकों को रासायनिक कीटनाशकों के साथ न मिलाएं
  • तेज धूप या अधिक गर्मी में प्रयोग न करें
  • ठंडी और छायादार जगह पर स्टोर करें

ध्यान रखें:

गलत उपयोग से सूक्ष्मजीव नष्ट हो सकते हैं, जिससे biofertilizers in Hindi का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।


जैविक और प्राकृतिक खेती में Biofertilizers का योगदान

जैविक और प्राकृतिक खेती में जैव उर्वरक (Biofertilizers) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ये मिट्टी को जीवंत बनाते हैं, फसलों को पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से उपलब्ध कराते हैं और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हैं। Biofertilizers in Hindi को समझना आज के किसानों के लिए आवश्यक है, ताकि खेती टिकाऊ और लाभकारी बन सके।


biofertilizers in hindi और प्राकृतिक खेती

प्राकृतिक खेती का मुख्य आधार मिट्टी की सेहत और जीवाणुओं की सक्रियता होती है, जिसमें जैव उर्वरक अहम भूमिका निभाते हैं।

  • जैव उर्वरक मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाते हैं
  • ये नाइट्रोजन, फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों को पौधों के लिए उपलब्ध कराते हैं
  • मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है

लाभ:

प्राकृतिक खेती में biofertilizer in hindi का उपयोग करने से मिट्टी ज़हरीले रसायनों से मुक्त रहती है और फसल सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण होती है।


organic farming में biofertilizers का महत्व

जैविक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता, इसलिए जैव उर्वरक सबसे प्रभावी विकल्प बनते हैं।

  • जैव उर्वरक फसल की जड़ों को मजबूत करते हैं
  • पौधों की पोषक तत्व अवशोषण क्षमता बढ़ती है
  • मिट्टी का जैविक संतुलन बना रहता है

लाभ:

Organic farming में biofertilizers का उपयोग फसल की गुणवत्ता, स्वाद और पोषण स्तर को बेहतर बनाता है।


कम लागत और अधिक उत्पादन में biofertilizers

किसानों के लिए लागत कम करना और उत्पादन बढ़ाना सबसे बड़ा लक्ष्य होता है, जिसमें जैव उर्वरक मददगार साबित होते हैं।

  • रासायनिक उर्वरकों की तुलना में लागत कम होती है
  • मिट्टी की क्षमता बढ़ने से लंबे समय में उत्पादन बढ़ता है
  • फसल रोगों और तनाव के प्रति अधिक सहनशील बनती है

लाभ:

कम लागत में अधिक और स्थिर उत्पादन पाने के लिए biofertilizers in hindi एक व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान हैं।


Biofertilizers से सफल किसान – सच्ची कहानियां

भारत के कई किसानों ने रासायनिक खेती से हटकर biofertilizers को अपनाया और अपनी खेती की तस्वीर ही बदल दी।जैव उर्वरक न केवल मिट्टी की सेहत सुधारते हैं, बल्कि कम लागत में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती का रास्ता भी दिखाते हैं। नीचे कुछ प्रेरणादायक सच्ची कहानियां दी गई हैं।


biofertilizers in hindi से उत्पादन बढ़ाने वाले किसान

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कई किसानों ने biofertilizers in hindi की सही जानकारी लेकर अपने खेतों में प्रयोग शुरू किया।

  • गेहूं और धान की फसल में 15–25% तक उत्पादन बढ़ा
  • जड़ों का विकास बेहतर हुआ और पौधे अधिक मजबूत बने
  • मिट्टी की नमी और उर्वरता लंबे समय तक बनी रही

किसानों का अनुभव:

“जब हमने biofertilizer in hindi में समझकर सही मात्रा और समय पर प्रयोग किया, तो फसल की गुणवत्ता और वजन दोनों में साफ फर्क दिखा।”


कम लागत में लाभ कमाने की कहानियां

जैव उर्वरकों का सबसे बड़ा लाभ है कम लागत और अधिक मुनाफ़ा

  • रासायनिक खाद पर खर्च 30–40% तक कम हुआ
  • सिंचाई और कीटनाशक की जरूरत भी घटी
  • मिट्टी की सेहत सुधरने से अगली फसल की लागत भी कम हुई

किसानों का अनुभव:

“पहले लागत बहुत ज्यादा थी, अब biofertilizers से खेती सस्ती और मुनाफ़े वाली हो गई है।”


जैविक खेती अपनाकर बदली किस्मत

कई छोटे और मध्यम किसानों ने biofertilizers के साथ जैविक खेती अपनाई और बाजार में बेहतर दाम पाए।

  • सब्ज़ियों और फलों को प्रीमियम कीमत मिली
  • ज़मीन की गुणवत्ता सुधरी, उपज स्थिर हुई
  • स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहे

किसानों का अनुभव:

“biofertilizer in hindi की जानकारी लेकर हमने जैविक खेती शुरू की और आज हमारी फसल सीधे ऑर्गेनिक मार्केट में बिकती है।”

FAQS 

Q1. Biofertilizers in Hindi क्या होते हैं?

जैव उर्वरक ऐसे प्राकृतिक सूक्ष्मजीव होते हैं जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं।

Q2. biofertilizers और जैविक खाद में क्या अंतर है?

जैविक खाद पोषक तत्व देती है, जबकि biofertilizers सूक्ष्मजीवों के माध्यम से पोषक तत्वों को घुलनशील बनाते हैं।

Q3. biofertilizer in hindi किन फसलों के लिए उपयोगी है?

जैव उर्वरक अनाज, दालें, सब्ज़ियां, फल, तिलहन और नकदी फसलों के लिए उपयोगी होते हैं।

Q4. क्या biofertilizers से उत्पादन सच में बढ़ता है?

हाँ, सही उपयोग से biofertilizers जड़ विकास सुधारते हैं और उत्पादन 15–25% तक बढ़ा सकते हैं।

Q5. biofertilizers का उपयोग कब और कैसे करें?

बीज उपचार, रोपाई के समय या मिट्टी में मिलाकर सुबह या शाम के समय प्रयोग करना सबसे बेहतर होता है।


Conclusion: Biofertilizers in Hindi अपनाएं – समृद्ध किसान, स्वस्थ भारत

आज के समय में जैव उर्वरक (Biofertilizers) भारतीय कृषि के लिए एक सशक्त और टिकाऊ समाधान बनकर उभरे हैं। ये न केवल मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को पुनर्जीवित करते हैं, बल्कि फसलों को आवश्यक पोषक तत्व भी प्राकृतिक रूप से उपलब्ध कराते हैं। Biofertilizers in Hindi को समझकर और सही तरीके से अपनाकर किसान रासायनिक खादों पर निर्भरता कम कर सकते हैं, जिससे खेती की लागत घटती है और मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहती है।

जैव उर्वरकों का नियमित उपयोग फसल की जड़ों को मजबूत करता है, पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार लाता है। अनाज, दालें, सब्ज़ियां हों या फल—लगभग हर फसल में biofertilizers सकारात्मक परिणाम दिखाते हैं। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ती है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सुरक्षित और पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद मिलते हैं।

एक समृद्ध किसान ही स्वस्थ भारत की नींव रखता है। biofertilizer in Hindi को अपनाकर किसान पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देते हैं—भूमि, जल और वायु प्रदूषण को कम करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हैं। अब समय है कि हम जैव उर्वरकों को अपनाएं, टिकाऊ खेती को बढ़ावा दें और मिलकर एक समृद्ध किसान समुदाय व स्वस्थ भारत का निर्माण करें।

Recommended Products